मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की चैत्र नवरात्रि पर मांस की बिक्री पर रोक लगाने की परंपरा को जारी रखने का कार्य किया है?
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
बरेली, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नवरात्रि के दौरान धार्मिक स्थलों के 500 मीटर दायरे में मीट की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है, लेकिन यह आदेश सिर्फ धार्मिक स्थलों के आसपास के लिए है उन जगहों पर मीट की दुकान सामान्य रूप से खुली रह सकती हैं जो शासनादेश के 500 मीटर दायरे के बाहर हो। उत्तर प्रदेश सरकार ने चैत्र नवरात्रि के दौरान धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मीट और मछली की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है।
चैत्र नवरात्रि के मद्दे नज़र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अवैध बूचड़खानों पर
सख्ती का आदेश दिया है। सरकार के आदेश अनुसार धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की बिक्री पर रोक लगा दी है। यह रोक 6 अप्रैल तक जारी रहेगी, जो की नवरात्रि का आखिरी दिन है।
आपको बताते चलें कि यह आदेश नया नहीं है। इससे पहले भी वर्ष 2014 और 2017 में ऐसे आदेश किए गए थे। यहां यह बताना भी जरूरी है कि वर्ष 2014 से 2017 तक वह कौन सी सरकार थी, जिसने इस तरह का आदेश जारी किया था, यह प्रश्न गंभीर और बड़ा विचरण यह है? क्योंकि पूर्व सरकार के आदेश को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चैत्र नवरात्रि के मद्देनज़र मांस की बिक्री पर रोक लगा दी है। उक्त आदेश को उत्तर प्रदेश में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने सभी जिलाअधिकारियों, पुलिस प्रमुखों और नगर आयुक्तों को इस आदेश को सख़्ती से लागू करने के लिए कहा है। इस काम के लिए जिला स्तर पर कमेटीयां बनाई गई है। इन कमेटियों के मुखिया जिला अधिकारी होंगें। 500 मीटर की परिधि के बाहर भी लाइसेंस के शर्तों के अधीन ही दुकान संचालित होगी। खुले में मांस कोई नहीं बचेगा। आपको बताते चले की वर्ष 2014 और 2017 में जारी आदेशों का हवाला देते हुए योगी सरकार ने स्पष्ट किया है की अवैध पशु वध और धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए जिला अधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियां का गठन किया गया है। इनमें पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। रामनवमी के दिन 6 अप्रैल 2025 को विशेष प्रतिबंध लागू होगा। इस दिन पशु वध और मांस की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 एवं 2011 के प्रावधानों के तहत योगी सरकार ने अधिकारियों को उल्लंघन करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गौर तलब है कि वर्ष 2014 और 2017 में सपा सरकार द्वारा जारी आदेशों का हवाला देते हुए ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की बिक्री पर रोक लगाई है। जिसे योगी सरकार द्वारा लिया गया कोई नया फैसला नहीं बल्कि पिछली सपा सरकार की परंपरा को आगे बढ़ना भी कह सकते हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
9599574952