अफ़सोस हमारे नौजवान नशा, सट्टा और बद-कारी की गिरफ्त में जा रहे हैं! आखिर कौन है इसका जिम्मेदार?
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
हम सबका और ख़ासकर मुसलमान का पहला फर्ज ही है सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष करना?
इस्लामी शरीयत में कत्ल , शिर्क और बदकारी को सबसे बड़ा गुनाह बताया गया है!... जिन नौजवानों को 25 साल की उम्र तक सिर्फ पढ़ाई लिखाई और संस्कार सीखना चाहिए ताकि वह एक सभ्य और शिक्षित व्यक्ति की तरह सम्मान पूर्वक जीवन जी सकें परंतु नौजवान सोशल मीडिया में इतना ज्यादा व्यस्त हो चुका है कि उसके पास इतना वक्त ही नहीं कि वह कुछ और सोचे... थोड़ा बहुत अगर कोई बच्चे सोचते भी हैं तो इतना सोच पाते हैं कि दुनिया में सब कुछ पैसा ही है और किसी तरह से भी हमें पैसा इकट्ठा करना है!...
हम अपने बच्चों को, भाइयों बहनों और दोस्तों को नैतिक शिक्षा दें उन्हें उनके जीवन के उद्देश्य के बारे में बताएं! उन पर नज़र रखें यह देखें कि इनकी दोस्ती कैसे लोगों के साथ है और यह रात को मोबाइल में क्या बनाते हैं!
हम सबकी और ख़ासकर मुसलमानों का पहला फर्ज ही है सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष!...
हमारी नौजवान पीढ़ी बहुत गलत दिशा में जा रही है हम चाहे जितना पैसा इकट्ठा कर लें या चाहे जो हो जाएं अगर हमारे बच्चे गलत दिशा में चले गए तो हम सिर्फ और सिर्फ पश्चाताप करेंगे और अपने आपको अपमानित महसूस करेंगे इसलिए नौजवानों को अच्छी बातें बताएं ,अच्छे लोगों के साथ रहने को कहें और समाज में असरदार व पढ़े-लिखे लोगों को चाहिए कि वक्त निकाल कर लोगों के बीच जाएं और उन्हें नशा, सट्टा और बद कारी जैसी गलत लतों से निकालने का प्रयास करें यह सबसे उत्तम कार्य है और अल्लाह भी इससे ज्यादा खुश होगा!... जो लोग सिर्फ खाने कमाने में लगे हैं ,अपना बनाने में लगे हैं और अपने से ही मतलब रखते हैं उनके जीवन का भी कोई मतलब नहीं है, वह भी एक दिन पछताएंगे! इसलिए अल्लाह ने आपको जो कुछ भी दिया है उसे समाज पर खर्च करें ,समाज सुधार के लिए खर्च करें!
इस रमज़ान के अंतिम दिन जो अल्लाह पर ईमान रखते हैं वह उसे हाज़िर नाज़िर मानकर संकल्प लें कि नशा , सट्टा और सिटियाबाज़ी (लड़के/ लड़कियों से बातें करना मिलना जुलना आदि)से खुद को मुक्त (दूर)कर लेंगे यानी छोड़ देंगे, जिसके अंदर राई के दाने के बराबर भी ईमान होगा वह नशा (शराब), सट्टा (जुआ) और बदकारी (नफ्स परस्ती, ज़िनाकारी)नहीं करेगा! इन गंदे कामों से हम सब खुद बचें और दूसरों को भी बचाने की कोशिश करें!
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